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जी-20 समिट में PM मोदी ने कहा- “समन्वित प्रयास महामारी से तेजी से उबरने का नेतृत्व करेंगे”

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इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “हमने जी 20 के कुशल कामकाज के लिए डिजिटल सुविधाओं को और विकसित करने के लिए भारत की आईटी प्रगति की पेशकश की”

उन्होंने कहा, “हमारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता हमारे समाजों को सामूहिक रूप से और आत्मविश्वास के साथ संकट से लड़ने में मदद करती है. ग्रह पृथ्वी के प्रति भरोसे की भावना हमें स्वस्थ और समग्र जीवन शैली के लिए प्रेरित करेगी.”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “जी 20 नेताओं के साथ बहुत ही उपयोगी चर्चा हुई. दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं द्वारा समन्वित प्रयासों से निश्चित रूप से इस महामारी से तेजी से रिकवीर होगी. वर्चुअल समिट की मेजबानी के लिए सऊदी अरब को धन्यवाद.”

पीएम मोदी ने कहा, “मल्टी-स्किलिंग और टैलेंट पूल बनाने के लिए री-स्किलिंग से हमारे कामगारों की गरिमा और लचीलापन बढ़ेगा. नई प्रौद्योगिकियों के मूल्य को मानवता के लिए उनके लाभ से मापा जाना चाहिए.”

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प उन विश्व नेताओं में से थे, जिन्होंने कोरोनॉयरस महामारी के वैश्विक प्रभाव पर चर्चा करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीएम मोदी से मुलाकात की. सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद ने दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के मेजबान ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में, COVID-19 के टीकों विकास सहित उपकरणों के “सस्ती और न्यायसंगत पहुंच” के बारे में बात की. 

“हालांकि हम कोविड -19 के लिए टीके, चिकित्सा विज्ञान और निदान उपकरण विकसित करने में हुई प्रगति के बारे में आशावादी हैं, हमें सभी लोगों के लिए इन उपकरणों के लिए सस्ती और समान पहुंच की स्थिति बनाने के लिए काम करना चाहिए,” समाचार एजेंसी एएफपी ने उन्हें यह कहते हुए उद्धृत किया था.

उन्होंने कहा, “हमारा कर्तव्य है कि हम इस शिखर सम्मेलन के दौरान एक साथ चुनौती का सामना करें और इस संकट को कम करने के लिए नीतियों को अपनाकर अपने लोगों को आशा और आश्वासन का एक मजबूत संदेश दें.”

जी-20 सम्मेलन से पहले तुर्की के राष्ट्रपति और सऊदी के शाह ने फोन पर बात की

जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन और सऊदी अरब के शाह सलमान से फोन पर बात की. राष्ट्रपति कार्यालय ने शनिवार के यहां यह जानकारी दी.  बता दें कि इसबार जी-20 सम्मेलन की मेजबानी सऊदी अरब कर रहा है. बयान के मुताबिक फोन पर बातचीत के दौरान नेताओं ने दोनों देशों के संबंधों को सुधारने पर चर्चा की. उल्लेखनीय है कि इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब के महा वाणिज्य दूतावास के भीतर वर्ष 2018 में सऊदी पत्रकार जमाल खाशोगी की हत्या के बाद से तुर्की और सऊदी अरब के रिश्ते तेजी से खराब हुए.

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रिश्तों में कड़वाहट की एक वजह तुर्की द्वारा मुस्लिम ब्रदरहुड का समर्थन किया जाना भी है जिसे सऊदी अरब आतंकवादी संगठन मानता है. तुर्की के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति एर्दोआन और शाह सलमान द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने और मुद्दों के समाधान के लिए बाचतीत के रास्ते को खुला रखने पर सहमत हुए हैं.”

20 साल में पहली बार ऑनलाइन सम्मेलन

G20 संगठन की स्थापना 1999 में हुई थी. पहले इसमें सदस्य देशों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के गवर्नर शामिल होते थे. वर्ष 2008 से इसमें सदस्य देशों के शासनाध्यक्ष शामिल होने लगे. इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी के बाद अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना था. जी20 समूह में अमेरिका, भारत, चीन, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, अर्जेन्टीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, कनाडा, ब्राजील, तुर्की और यूरोपीय संघ सदस्य देश हैं.



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जो बाइडेन ने चुने अपने कैबिनेट के शीर्ष अधिकारी, लैटिन अमेरिकन को बनाया इमिग्रेशन का हेड

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जो बाइडेन ने चुने अपने कैबिनेट के शीर्ष अधिकारी, लैटिन अमेरिकन को बनाया इमिग्रेशन का हेड

जो बाइडेन ने सुरक्षा और विदेश मंत्रालय से जुड़े अपने शीर्ष अधिकारियों की घोषणा की. (फाइल फोटो)

वॉशिंगटन:

अमेरिका के अगले राष्ट्रपति बनने जा रहे डेमोक्रेटिक जो बाइडेन (Joe Biden) ने सोमवार को अपने कैबिनेट (US Cabinet) के शीर्ष पदों के लिए अधिकारियों के नामों की घोषणा कर दी. उन्होंने अपने लंबे समय से रहे विदेशी नीति के सलाहकार एंटनी ब्लिंकेन को विदेश मंत्री बनाया है, वहीं, पूर्व अमेरिकी मुख्य डिप्लोमैट जॉन केरी को अपना विशेष क्लाइमेट राजदूत बनाया है.

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वहीं, बाइडेन ने एक अहम फैसला लेते हुए सबसे पहले-पहले लैटिन अमेरिकन, क्यूबा में जन्म वकील अलेहान्द्रो मायोरकस को डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी का हेड बनाया है. यही डिपार्टमेंट अमेरिका में इमिग्रेशन के मामले देखता है.

उन्होंने ने पूर्व सीआईए डायरेक्टर एवरिल हेन्स को अपना डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलीजेंस बनाया है. एवरिल यह पद संभालने वाली पहली महिला होंगी. अगले अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने फेडरल रिजर्व की पूर्व अध्यक्ष जैनेट येलेन को वित्त मंत्री पद के लिए चुना है. येलेन बाइडेन की आर्थिक नीतियों को आकार और दिशा देने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी. वित्त विभाग की कमान संभालने वाली वह पहली महिला होंगी. येलेन, बाइडेन की अहम सलाहकार तथा उनके आर्थिक एजेंडे की प्रवक्ता भी होंगी.

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बाइडेन ने यह भी कहा कि वो अनुभवी डिप्लोमैट लिंडा-थॉमस-ग्रीनफील्ड को कैबिनेट के सदस्य का दर्जा देते हुए उन्हें यूनाइटेड नेशंस का दूत बनाएंगे. बाइडेन ने एक ट्वीट करते हुए अपनी नेशनल सिक्योरिटी टीम और फॉरेन पॉलिसी टीम के सदस्यों की घोषणा की थी.

बाइडेन के उपराष्ट्रपति कार्यकाल में उनके सिक्योरिटी सहायक रहे जेक सलिवन को व्हाइट हाउस का नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर बनाया गया है. ये सभी अधिकारी 2009-2017 में ओबामा-बाइडेन प्रशासन का हिस्सा रह चुके हैं और अपने-अपने क्षेत्र में काफी अनुभवी हैं.

Video: जो बाइडेन की जीत से खुश हैं US में रहने वाले भारतीय

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‘COVID-19 रोकने में प्रभावी है ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ये वैक्सीन’

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लंदन: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित किये जा रहे कोविड-19 के टीके के तीसरे चरण के परीक्षण के अंतरिम परिणाम सोमवार को प्रस्तुत किये गए जिसमें यह संक्रमण की रोकथाम में ‘प्रभावी’ पाया गया है. एस्ट्राजेनेका कंपनी की मदद से टीके का विकास किया जा रहा है. दो बार की खुराक के सामूहिक आंकड़ों को देखें तो टीके का प्रभाव 70.4 प्रतिशत देखा गया. वहीं दो अलग-अलग खुराकों में इसका प्रभाव एक बार 90 प्रतिशत और दूसरी बार 62 प्रतिशत रहा.

शुरुआती संकेतों से लगता है कि यह टीका बिना लक्षण वाले संक्रमण के मामलों में वायरस के प्रसार को कम कर सकता है. ऑक्सफोर्ड टीका समूह के निदेशक और परीक्षण के मुख्य अध्ययनकर्ता प्रोफेसर एंड्रयू पोलार्ड ने कहा, ‘ये निष्कर्ष दिखाते हैं कि हमारे पास एक प्रभावी टीका है जो कई लोगों की जान बचाएगा. उत्साह की बात है कि टीके की एक खुराक 90 प्रतिशत तक प्रभावी हो सकती है और इसका इस्तेमाल किया गया तो योजनाबद्ध आपूर्ति के साथ अधिक से अधिक लोगों को टीका दिया जा सकता है.’

यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड में टीकाविज्ञान की प्रोफेसर साराह गिलबर्ट ने कहा, ‘आज की घोषणा हमें ऐसे वक्त के और करीब ले जाती है जब हम कोविड-19 से होने वाली तबाही को समाप्त करने के लिए टीकों का उपयोग कर सकते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘हम नियामकों को विस्तृत जानकारी देते रहेंगे. इस बहुराष्ट्रीय प्रयासों का हिस्सा रहना सम्मान की बात है जिससे पूरी दुनिया को फायदा होगा.’

विश्वविद्यालय के अनुसार ब्रिटेन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में विभिन्न जातीय और भौगोलिक समूहों के 24,000 से अधिक प्रतिभागियों पर अध्ययन चल रहा है. इसके अलावा भारत, अमेरिका, केन्या और जापान में भी आगे के परीक्षण चल रहे हैं और इस साल के अंत तक परीक्षण में कुल 60,000 प्रतिभागियों को शामिल किया जा सकता है.

(इनपुट- एजेंसी भाषा)



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ब्रिटेन की वैक्‍सीन ने जगाई उम्‍मीद, साल के अंत तक दो करोड़ लोगों को डोज देगा अमेरिका

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ब्रिटेन की वैक्‍सीन ने जगाई उम्‍मीद, साल के अंत तक दो करोड़ लोगों को डोज देगा अमेरिका

कोरोना वायरस की वैक्‍सीन विकसित करने के के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक जुटे हुए हैं (प्रतीकात्‍मक फोटो)

खास बातें

  • ब्रिटेन का दावा, औसतन 70 फीसदी तक सफल है उसका वैक्‍सीन
  • दो अन्‍य कंपनियों ने 90 फीसदी सफलता का किया है दावा
  • कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए कड़े फैसले ले रहे यूरोपीय देश

Corona Pandemic: कोरोना वायरस की महामारी पर नियंत्रण के लिए वैक्‍सीन (coronavirus vaccine)विकसित करने को लेकर दुनियाभर में प्रयास चल रहे हैं. ब्रिटेन में एक कोरानावायरस वैक्‍सीन के निर्माताओं ने वृहद स्‍तर पर टेस्टिंग के दौरान सफलता का दावा किया है, वहीं अमेरिका (United States) ने कोरोना से बढ़ते हुए संक्रमण (infection) पर काबू पाने के लिए इस साल के अंत तक दो करोड़ लोगों को कोरोना डोज देने की योजना बनाई है. एस्‍ट्राजेनेका और ऑक्‍सफोड यूनिवर्सिटी ने दावा करते हुए कहा है कि उनका डोज कोरोना वायरस को रोकने में औसत 70 फीसदी तक सफल है. 23 हजार लोगों पर इसका टेस्‍ट किया गया. उधर दो अन्‍य दवा कंपनियों ने दावा किया है कि उनका वैक्‍सीन 90 प्रतिशत तक प्रभावी है. 

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जनवरी-फरवरी तक उपलब्‍ध करा सकते हैं वैक्‍सीन के 10 करोड़ डोज : अदार पूनावाला

कोरोना वैक्‍सीन को लेकर यह खबर ऐसे समय आई है जब यूरोप और अमेरिका कोरोना के बढ़ते केसों से निपटने की जद्दोजहद कर रहे हैं. कोरोना के केसों के कारण हेल्‍थ सिस्‍टम चरमरा गया है. सरकार को लोगों को घरों में रहने और क्रिसमस सीजन होने के बावजूद बिजनेस बंद रखने के आदेश जारी करने पड़ रहे हैं. कनाडा का सबसे बड़ा शहर सोमवार को बाद लॉकडाउन को लागू करने वाला नया शहर बना है. यहां कार्यक्रमों में लोगों के जमा होने पर रोक लगा दी गई है. शादी और अंत्‍येष्टि कार्यक्रम में भी लोगों की संख्‍या निर्धारित कर दी गई है. यह उपाय वैसे ही हैं जो फ्रांस और कुछ अन्‍य यूरोपीय देशों में लागू किए गए हैं. ओंटेरियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने इस सप्‍ताह के शुरुआत में कहा, ‘हम अपने अस्‍पतालों को जबर्दस्‍त दबाव में नहीं डाल सकते.’ 

उधर, ऑस्‍ट्रेलिया का दूसरा सबसे बड़ा शहर धीरे-धीरे चार माह के लॉकडाउन से मुक्‍त हो रहा है. यहां एक राज्‍य से दूसरे राज्‍य की यात्रा पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया है. कोरोना वायरस की महामारी के कारण दुनियाभर में करीब 14 लाख लोगों को जान गंवानी पड़ी है. चीन के वुहान शहर में सबसे पहले कोरोना का केस दर्ज किया गया था.

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क्या कोरोना की चेन तोड़ने के लिए रात का कर्फ्यू पर्याप्त है?

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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