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प्रीति जिंटा ने घर में उगाए बड़े-बड़े शिमला मिर्च, पौधे से तोड़ यूं हुईं खुश…देखें Video

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प्रीति जिंटा ने घर में उगाए बड़े-बड़े शिमला मिर्च, पौधे से तोड़ यूं हुईं खुश...देखें Video

प्रीति जिंटा (Preity Zinta) का वीडियो वायरल

नई दिल्ली:

बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा (Preity Zinta) इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव हैं. कभी फिटनेस वीडियो तो कभी फनी वीडियो शेयर कर जमकर सुर्खियां बटोर रही हैं. प्रीति जिंटा (Preity Zinta) ने फिर से एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वो अपने अपने घर की खेती दिखा रही हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बड़े से गमले में उन्होंने बड़े-बड़े  शिमला मिर्च उगा रखे हैं और साथ ही उन्हें तोड़ कर एक बाउल में रख रही हैं. प्रीति जिंटा (Preity Zinta Video) का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

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प्रीति जिंटा (Preity Zinta) वीडियो में कह रही हैं कि ये देखों दोस्तों हमारा अफना किचन गार्डन. घर की खेती. इसके लिए मम्मी को धन्यवाद. उन्होंने वीडियो के कैप्शन में लिखा है: “घर की खेती. कितना अच्छा लगता है जब अपने घर में सब्जियां उगाते हैं. मुझे सिखाने के लिए और बगीचे में समय बिताने के लिए. साथ ही अपनी सब्जियां उगाने को प्रेरित करने के लिए आपका धन्यवाद मम्मी. मैं अभी दुनिया के टॉप पर हूं, फिर भी मैंने कभी भी धरती को इतने करीब महसूस नहीं किया.”

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प्रीति जिंटा (Preity Zinta) के इस वीडियो को 13 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. बता दें, बॉलीवुड की दमदार एक्ट्रेस प्रीति जिंटा ने फिल्म ‘दिल से’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था. दिल से में अपने रोल के लिए प्रीति जिंटा को फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. हिंदी सिनेमा के अलावा प्रीति जिंटा तेलुगू, पंजाबी और इंग्लिश फिल्मों में भी हाथ आजमा चुकी हैं. अपने करियर के दौरान एक्ट्रेस ने ‘सोल्जर’, ‘क्या कहना’, ‘चोरी-चोरी चुपके चुपके’, ‘दिल चाहता है’, ‘कोई मिल गया’, ‘कल हो ना हो’, ‘फर्ज’, ‘वीर जारा’, ‘सलाम नमस्ते’, ‘कभी अलविदा ना कहना’ और ‘दिल है तुम्हारा’ जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई है. 



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राम मंदिर शिलान्यास : मुस्लिम महिलाओं ने प्रधानमंत्री के नाम सम्मान पत्र भेजा

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राम मंदिर शिलान्यास : मुस्लिम महिलाओं ने प्रधानमंत्री के नाम सम्मान पत्र भेजा

प्रधानमंत्री ने 5 अगस्त को राम मंदिर का किया था भूमि पूजन

इंदौर:

अयोध्या में भगवान राम के मंदिर की आधारशिला रखे जाने के दौरान देश भर में अमन-चैन कायम रहने पर खुशी जताते हुए स्थानीय मुस्लिम महिलाओं ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम सम्मान पत्र भेजा. शहर की सामाजिक संस्था “साझा संस्कृति” के आयोजन में बुर्का पहनकर रीगल चौराहे पर जुटीं करीब 20 मुस्लिम महिलाओं ने इंदौर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा सांसद शंकर लालवानी को यह सम्मान पत्र सौंपा. यह पत्र जहां सौंपा गया, उसकी पृष्ठभूमि में भगवा झंडों के साथ भगवान राम का कट आउट रखा गया था.

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इस दौरान मुस्लिम महिलाओं ने “भारत माता की जय” और “मोदी जी जिंदाबाद” के नारे भी लगाये. इन महिलाओं ने तख्तियां थाम रखी थीं जिन पर छपा था-“श्रीराम मंदिर (अयोध्या) निर्माण कार्य का इस्तकबाल करते हैं.” इनमें शामिल सकीना बी ने मोदी के नाम लिखा सम्मान पत्र पढ़ते हुए कहा, “(अयोध्या मामले में) उच्चतम न्यायालय के फैसला सुनाने के बाद से लेकर राम मंदिर के शिलान्यास तक आपके (प्रधानमंत्री) सफल और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण पूरे देश में सौहार्द्र और शांति रही. सभी धर्मों के लोगों ने इस निर्णय को सहज स्वीकार किया.”

ओम बिरला ने कहा, “मंदिर के निर्माण से देश की एकता और आपसी सद्भाव में अभिवृद्धि होगी”

रीगल चौराहे पर मौजूद एक अन्य मुस्लिम महिला रुखसाना ने कहा, “हम बेहद खुश हैं कि राम मंदिर शिलान्यास समारोह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. हमें भरोसा है कि देश में आगे भी अमन-चैन बरकरार रहेगा.” सांसद लालवानी ने इस मौके पर कहा, “मैं मुस्लिम महिलाओं की ओर से सौंपा गया सम्मान पत्र प्रधानमंत्री तक पहुंचाऊंगा. सब लोग इस बात से खुश हैं कि अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के साथ ही करीब 500 साल पुराना मसला शांतिपूर्ण ढंग से हल हो गया है.”

 

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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दिल्ली : मनीष सिसोदिया बोले- 5 साल में बजट में 70% की वृद्धि के बावजूद कर्मचारियों को वेतन देने में क्यों असमर्थ हैं कॉलेज 

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दिल्ली : मनीष सिसोदिया बोले- 5 साल में बजट में 70% की वृद्धि के बावजूद कर्मचारियों को वेतन देने में क्यों असमर्थ हैं कॉलेज 

मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सरकार के वित्तपोषित DU के कॉलेजों के प्रति कड़ा ऐतराज जताया (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने सरकार द्वारा 70 प्रतिशत बजट में वृद्धि करने के बावजूद कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थता व्यक्त करने पर दिल्ली सरकार के वित्त पोषित दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों के प्रति गुरुवार को कड़ा ऐतराज जताया. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में बजट आवंटन में 70 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद दिल्ली सरकार द्वारा वित्तपोषित डीयू कॉलेजों की वेतन देने में असमर्थता भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है. 

सिसोदिया ने प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा कि डीयू कॉलेजों के प्रशासन पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे हैं. भ्रष्टाचार के कारण ये कॉलेज गवर्निंग बॉडी बनाने में देर कर रहे हैं और दिल्ली सरकार मनोनित सदस्यों को लेने से इन्कार कर रहे हैं. उन्होंने पिछले महीने डीयू के कुलपति को इन भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में लिखा था, लेकिन उन्हें अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है. दिल्ली सरकार ने इन कॉलेजों के लिए बजट आवंटन में 70 प्रतिशत की वृद्धि की है. 

दिल्ली सरकार ने 2014-15 में डीयू के कॉलेजों के बजट को 144.39 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2019-20 में 242.64 करोड़ रुपये और 2020-21 में 243 करोड़ रुपये कर दिया है. पांच वर्षों में बजट आवंटन में लगभग 70 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद, डीयू बजट की कमी की शिकायत कर रहा है. डीयू का पिछले साल (2019-20) का 242.64 रुपये का बजट उनके सभी खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त था, पिछले साल (2018-19) का बजट 216.13 करोड़ रुपये उनके खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त था. पिछले दो वर्षों में 27 करोड़ रुपये के फंड आवंटन में वृद्धि के बावजूद डीयू क्यों कह रहा है कि बजट पर्याप्त नहीं है. 

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि 2020-21 के लिए 243 करोड़ रुपये के बजट में से, 56.25 करोड़ रुपये (बजट का करीब 23 प्रतिशत) पहले ही जुलाई 2020 के अंत तक जारी किए जा चुके हैं. इसलिए डीयू कॉलेज अप्रैल, मई और जून के लिए वेतन का भुगतान करने में सक्षम क्यों नहीं हैं. डीयू कॉलेजों के अलावा, दिल्ली सरकार और भी कई विश्वविद्यालयों को फंड प्रदान करती है, जो सीधे सरकार के शिक्षा विभाग के प्रशासन के अंतर्गत आते हैं. हम कभी भी उनके यहां फंड की कमी होने या अपने कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थ होने की बात नहीं सुनते हैं. 

सिसोदिया ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में बजट आवंटन में 70 प्रतिशत वृद्धि के बावजूद कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित डीयू कॉलेजों की अक्षमता भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है. कारण स्पष्ट है कि डीयू के कॉलेज प्रशासन में भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे हैं. 

दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित डीयू कॉलेजों को प्रदान किए गए बजट का विवरण

2012-13 – 121.82 करोड़ रुपये

2013-14 – 140.65 करोड़ रुपये

2014-15 – 144.39 करोड़ रुपये

2015-16 – 181.94 करोड़ रुपये

2016-17 – 197 करोड़ रुपये

2017-18 – 214.78 करोड़ रुपये

2018-19 – 216.13 करोड़ रुपये

2019-20 – रुपये 242.64 करोड़

2020-21 – 243 करोड़ रुपये

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भूमि पूजन के बाद भगवान राम की कुलदेवी ”बड़ी देवकाली” मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद

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मंदिर के महंत सुनील पाठक ने कहा, ”बड़ी देवकाली के मंदिर को लेकर इस इलाके में…

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