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सोने-चांदी के दामों में आई रिकॉर्ड तोड़ तेजी, पहली बार 50,000 के पार पहुंचे सोने के दाम

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सोने-चांदी के दामों में आई रिकॉर्ड तोड़ तेजी, पहली बार 50,000 के पार पहुंचे सोने के दाम

सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्डतोड़ तेजी, अपने सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंचे. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली:

Gold-Silver Future Rate: देश में सोने-चांदी के दाम (Gold Price) बुधवार को पहली बार अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं. बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी आने के बाद घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई, दोनों धातु ही अपने सबसे ऊपरी स्तर पर चल रहे हैं. सोने ने तो 50,000 के ऊपर का आंकड़ा छू लिया है. वहीं चांदी भी 60,619 रुपए के करीब चल रहा है.

Multi Commodity Exchange (MCX) पर अगस्त गोल्ड फ्यूचर के रेट में 1 फीसदी यानी 493 रुपए की बढ़ोतरी देखी गई, जिसके बाद सोने के दाम सुबह में 50,020 रुपए पर पहुंच गए. सितंबर के सिल्वर फ्यूचर रेट में छह फीसदी की बढ़ोतरी आई, जिसके बाद इसका रेट 57,342 से बढ़कर 60,782 रुपए पर पहुंच गया है. सुबह 11.03 बजे MCX पर गोल्ड फ्यूचर 0.99 प्रतिशत की तेजी के साथ 50,017 रुपए के वायदे पर ट्रेड कर रहा था. वहीं, सिल्वर फ्यूचर में 5.71 फीसदी की तेजी दिखी थी, जिसके बाद सिल्वर का फ्यूचर रेट 60,619 रुपए पर चल रहा था.

दुनियाभर में कोविड-19 के कहर के बीच पिछले कुछ हफ्तों में सोने-चांदी के दामों में जबरदस्त तेजी देखी गई है. आमतौर पर अनिश्चितता के माहौल में  निवेशक जोखिम भरे  विकल्पों से निकलकर सोने की ओर भागते हैं. देश में लॉकडाउन के बीच घरेलू बाजार में सोने की मांग में कमी आई है, हालांकि सोने के दाम जबरदस्त तेजी से ऊपर चढ़े हैं. लेकिन फिलहाल पीले धातु के दामों में महंगाई आने के चलते रिटेल बाजार में सोने की मांग सुस्त चल रही है. 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमज़ोर डॉलर और महामारी से उबारने के लिए बाजार में राहत देने की उम्मीदों के बीच बुधवार को सोना एक फीसदी उछलकर अपने नौ सालों के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गया. स्पॉट गोल्ड को 0.8 फीसदी की तेजी के साथ 1,856.13 डॉलर प्रति औंस के रेट पर ट्रेड कर रहा था. इसके पहले इसने 1,865.35 डॉलर प्रति औंस का आंकड़ा छुआ था, जो सितंबर, 2011 के बाद का सबसे ऊपरी स्तर है. 

Video: सोना 50 हजार रुपये के पार

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IOCL का पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 47 प्रतिशत घटकर 1,910.84 करोड़ रुपये

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IOCL का पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 47 प्रतिशत घटकर 1,910.84 करोड़ रुपये

जून तिमाही में कंपनी की परिचालन आय घटकर 88,936.54 करोड़ रुपये रह गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,50,136.70 करोड़ रुपये रही थी. (file pic)

नई दिल्ली:

देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) का चालू वित वर्ष की जून में समाप्त पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 47 प्रतिशत घट गया है. कोविड-19 महामारी की वजह से ईंधन की मांग प्रभावित होने से कंपनी का रिफाइनिंग मार्जिन घटा है, जिसकी वजह से उसका मुनाफा नीचे आया है. शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसका एकल शुद्ध लाभ 46.8 प्रतिशत घटकर 1,910.84 करोड़ रुपये या 2.08 रुपये प्रति शेयर रहा. इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का एकल शुद्ध लाभ 3,596.11 करोड़ रुपये या 3.92 रुपये प्रति शेयर रहा था. पहली तिमाही में ज्यादातर समय कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन में रहा. इस दौरान वाहनों की आवाजाही पर अंकुश था. इससे तिमाही के दौरान आईओसी की बिक्री 29 प्रतिशत घटकर 1.52 करोड़ टन रही.

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तिमाही के दौरान कंपनी की रिफाइनरियों ने 25 प्रतिशत कम यानी 1.29 करोड़ टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया. कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसे प्रत्येक एक बैरल कच्चे तेल के प्रसंस्करण पर 1.98 डॉलर का घाटा हुआ. कंपनी ने कहा, ‘‘देश दुनिया में कोरोना वायरस महामारी फैलने से कारोबारी और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुईं. भारत में इस महामारी पर अंकुश के लिए 25 मार्च को लॉकडाउन लगाया था. इससे कच्चे तेल की वैश्विक मांग प्रभावित हुई तथा आपूर्ति श्रृंखला में बाधा आई. इस दौरान कंपनियों को लघु अवधि के लिए अपना परिचालन घटाना पड़ा या पूरी तरह बंद करना पड़ा.”

यह भी पढ़ें-  Petrol-Diesel Price: SMS से पता करें अपने शहर में पेट्रोल-डीजल का लेटेस्ट रेट, बस करना होगा यह काम

जून तिमाही में कंपनी की परिचालन आय घटकर 88,936.54 करोड़ रुपये रह गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,50,136.70 करोड़ रुपये रही थी. कंपनी ने कहा कि अप्रैल में राष्ट्रव्यापी बंद की वजह से उसकी बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई. इस दौरान संयंत्रों ने भी कम क्षमता पर परिचालन किया. हालांकि, जून तक यह बहुत हद तक सामान्य स्थिति में आ गई.

सऊदी अरब में तेल उत्पादन घटने से प्रभावित भारत के पास क्या है विकल्प?

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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Gold Price Today: फिर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा सोना, चेक करें, सोने का आज का रेट

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Gold Price Today: फिर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा सोना, चेक करें, सोने का आज का रेट

अपने रिकॉर्ड स्तर पर चल रहा है सोना, मंगलवार को दामों में फिर आई तेजी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली:

Gold Price Today: सोने की कीमतें लगभग हर रोज रिकॉर्डतोड़ तेजी देख रही हैं. सोमवार के बाद लगातार मंगलवार को भी सोने की कीमतों में तेजी आई है और सोना अपने सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गया है. घरेलू वायदा बाजार में सोना मंगलवार को सोमवार को रिकॉर्ड स्तर- 52,410 से ऊपर चढ़कर 52,435 पर पहुंच गया. Multi Commodity Exchange (MCX) पर गोल्ड फ्यूचर की कीमतों में 0.64 फीसदी की बढ़त के साथ 334 रुपए की बढ़ोतरी दिखी, जिसके बाद सोना 52,435 के रिकॉर्ड हाई स्तर पर पहुंच गया.

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ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में 40 डॉलर की बढ़त देखी गई, जिसके बाद सोने की कीमतें 1,980 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गईं. सुबह 10.20 बजे MCX गोल्ड फ्यूचर में 0.34 फीसदी की बढ़त के साथ कीमतों में 178 रुपए की बढ़ोतरी दिख रही थी. इस वक्त सोना 52,279 रुपए पर ट्रेड कर रहा था. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में स्पॉट गोल्ड मंगलवार को अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. सोने को 1,947 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करते देखा गया. हालांकि, इसके बाद प्रॉफिट बुकिंग देखी गई. दरअसल, निवेशकों के बीच सुगबुगाहट है कि इस हफ्ते होने वाली पॉलिसी मीटिंग में फेडरल रिज़र्व अपनी नीतियां आसान करने को लेकर कुछ घोषणाएं कर सकता है.

यह भी पढ़ें: सोने का भाव 50,000 के पार, आखिर लॉकडाउन की आर्थिक तंगी में भी क्यों आसमान छू रही हैं कीमतें?

बता दें कि पिछले कुछ हफ्तों में सोने में लगातार तेजी देखी जा रही है. दरअसल, कोविड-19 से बिगड़ी अर्थव्यवस्था और दुनिया की दो बड़ी इकोनॉमी- चीन और अमेरिका- के बीच आर्थिक मोर्चे पर तनाव के चलते सोने की कीमतें लगातार बढ़ी हैं. मुश्किल वक्त में अमूमन निवेशक जोखिम वाले निवेश को छोड़कर सोने की ओर ही रुख करते हैं. 

घरेलू बाजार में गोल्ड की कीमतों में तेजी के चलते मांग घटती हुई दिख रही है. वहीं सोने के आभूषणों में सेल्स टैक्स और मेकिंग चार्ज की वजह से देशभर में इसकी कीमतें अलग-अलग भी हो सकती हैं. बता दें कि मार्च से ही घरेलू कमोडिटी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग के वक्त को कम कर दिया गया है. वहीं मंगलवार को घरेलू स्टॉक मार्केट में भी तेजी देखी गई है. ऑटो और आईटी कंपनियों को शेयरों में तेजी आई है. इसके पीछे अमेरिका की ओर से आर्थिक मोर्चे पर संभावित राहत देने की संभावना है.

Video: सोने की कीमतों में लगातार उछाल

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फ्लिपकार्ट ने लॉन्च किया ‘Flipkart Quick’, अब 90 मिनट में होगी ऑर्डर की डिलीवरी

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फ्लिपकार्ट ने लॉन्च किया 'Flipkart Quick', अब 90 मिनट में होगी ऑर्डर की डिलीवरी

फ्लिपकार्ट बेंगलुरु में शुरू कर रहा है ‘Flipkart Quick’ सर्विस.

खास बातें

  • 90 मिनट की डिलीवरी के लिए ‘Flipkart Quick’
  • फ्लिपकार्ट शुरू कर रहा है नई सर्विस
  • बेंगलुरु के कुछ जगहों पर मिलेगी सुविधा

बेंगलुरु:

ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट अपनी नई 90 मिनट की डिलीवरी सर्विस शुरू कर रही है. कंपनी ने अपनी हाइपरलोकल सर्विस के तौर पर ‘Flipkart Quick’ शुरू करने की घोषणा की है. इस सर्विस के तहत ई-कॉमर्स कंपनी ग्रोसरी और घरेलू सामानों की डिलीवरी करेगी. Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सर्विस के लिए बेंगलुरु के कुछ जगहों की पहचान की गई है, यानी यह सर्विस शुरू होने के बाद अभी बेंगलुरु के कुछ खास जगहों पर ही मिलेगी. वहीं, कंपनी ने फिलहाल लॉन्चिंग के लिए किसी तारीख की घोषणा भी नहीं की है. 

कंपनी ने बताया है कि Flipkart Quick पर ग्राहकों को  सुबह 6 बजे से आथी रात तक डिलीवरी की सुविधा मिलेगी. कस्टमर्स को इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए महज़ 29 रुपए की फीस भी चुकानी होगी. फ्लिपकार्ट के वाइस प्रेसिडेंट चाणक्य गुप्ता ने कहा कि ‘अब हमारे पास पड़ोस की किराना की दुकानों के नेटवर्क को बस एक क्लिक में इस प्लेटफॉर्म पर लाने की क्षमता है.’

यह भी पढ़ें: Amazon और Flipkart बताएंगे किस देश में बना है प्रोडक्ट

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट के अधिकार क्षेत्र में आने वाली ई-कॉमर्स कंपनी ने कहा है कि वो Flipkart Quick को बस ग्रोसरी और होम एक्सेसरीज़ की डिलीवरी तक सीमित रखने के बजाय मोबाइल फोन और स्टेशनरी से जुड़े ऑर्डर भी लेगी. इस कदम से कंपनी किराने के सामान की डिलीवरी में Grofers और MilkBasket जैसे प्लेटफॉर्म्स से आगे तो निकलना ही चाहती है, ग्रोसरी के अलावा दूसरे सामानों की 90 मिनट की डिलीवरी करके क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Amazon के टक्कर में भी आना चाहती है.

बता दें कि पिछले कुछ वक्त में भारत के बड़े शहरों में लोगों ने ऑनलाइन ग्रोसरी ऑर्डर करने को वरीयता देना शुरू किया था, लेकिन कोरोनावायरस के चलते बहुत से लोग इस सुविधा को अपनाने लगे हैं. ऐसे में मार्केट की कई कंपनियों ने मौके का फायदा उठाते हुए ग्रोसरी और रोज़मर्रा की चीजों के ऑनलाइन ऑर्डर की सुविधा शुरू की है. Grofers, BigBasket, MilkBasket के अलावा Flipkart और Amazon पहले ही ग्रोसरी डिलीवरी की सुविधा देते हैं लेकिन इसके बाद Dunzo सहित ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato और Swiggy ने भी लॉकडाउन में यह सर्विस शुरू की है. 

Video: अनलॉक-3 में खुल सकते हैं सिनेमाघर-जिम

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